पीआरसीआई और एमएआर द्वारा संगोष्ठी का आयोजन
सतीश शर्मा (उप संपादक)
“ संयुक्त रूप से आयोजन भारतीय लोकसंपर्क परिषद (पीआरसीआई) के राउरकेला शाखा तथा राऊरकेला मैनेजमेंट एसोसिएशन (एमएआर) ने संयुक्त रूप से 22 फरवरी को "संकट के दौरान रणनीतिक प्रबंधन” विषय पर एक सेमिनार का किया .
कार्यक्रम में आरएसपी के ईडी (एमडी-सीएमएलओ) श्री बी.के. गिरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पीआरसीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष,गीता शंकर तथा प्रख्यात लेखक रमेन्द्र कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में श्री गिरी ने डिजिटल रूप से जुड़े वर्तमान परिवेश में संकट प्रबंधन के लिए तैयारी, त्वरित निर्णय क्षमता और स्पष्ट नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भगवद गीता का संदर्भ देते हुए कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, धैर्य और स्पष्ट चिंतन संकट की घड़ी में नेतृत्व की सबसे बड़ी ताकत हैं।
सुश्री गीता शंकर ने कहा कि प्रभावी संकट संचार के लिए विश्वास और विश्वसनीयता मूल आधार हैं। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को हितधारकों का भरोसा बनाए रखने के लिए अनिवार्य बताया।
इस अवसर पर श्री रमेंद्र कुमार ने संकट संचार में सहानुभूति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि रणनीतियों और बयानों से आगे बढ़कर मानवीय संवेदनशीलता ही स्थायी विश्वास का निर्माण करती है। कैंसर से अपनी व्यक्तिगत लड़ाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने जीवन की दृढ़ता और प्रभावी संकट प्रबंधन के बीच समानता बताई।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. पांडा ने डिजिटल युग में संकटों की बढ़ती जटिलता की चर्चा करते हुए संरचित संचार ढांचे की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। श्री एस.एस. पांडा ने अतिथियों का स्वागत किया और विषय की समसामयिक प्रासंगिकता पर बल दिया।
इस दौरान श्री रमेंद्र कुमार की पुस्तक कोपिंग विथ कैंसर का भी विमोचन किया गया, जिसमें उन्होंने कैंसर से संघर्ष के अपने अनुभव और सकारात्मक सोच के महत्व को साझा किया है।
तकनीकी सत्र में सुश्री अर्चना सतपथी ने “संकट के समय विश्वास और विश्वसनीयता का निर्माण” विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया, जिसमें पारदर्शिता, सतत संदेश और हितधारकों की सहभागिता पर बल दिया गया। वहीं श्री ससांका एस. पटनायक, डिप्टी मैनेजर (पीआर) एवं सचिव, पीआरसीआई राउरकेला चैप्टर ने “डिजिटल फायरफाइटिंग: संकट से पहले, दौरान और बाद में सोशल मीडिया प्रबंधन” विषय पर प्रस्तुति देते हुए सक्रिय निगरानी और समय पर प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में पीआरसीआई और एमएआर के सदस्य, विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि, जनसंचार के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थ





